Thursday, June 18, 2026
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​​​शादीशुदा रहते दूसरी शादी करके शारीरिक संबंध बनाना रेप, जानें हाईकोर्ट ने क्या-क्या कहा

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रिलेशनशिप डेस्क. शादीशुदा रहते हुए दूसरी शादी करना हमारे यहां कानूनी रूप से गलत होता है। उस शादी को अवैध माना जाता है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने (Bombay hight court) ने साफ किया है कि पहली शादी के अस्तित्व में रहते दूसरी शादी रचाकर शारीरिक संबंध बनाना रेप के दायरे में आएगा। ऐसे आचरण से रेप का अपराध बनता है। इसलिए आरोपी के खिलाफ रेप और बाइगैमी के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता है।

दरअसल, एक महिला जो पहले विधवा थी उसने बताया कि पति के निधन के बाद जानपहचान वाले शख्स ने मुझसे नजदीकी बढ़ाई थी। उसने यकीन दिलाया कि उसकी अपनी पत्नी से नहीं बनती है। इसलिए उससे अलग हो जाएगा। इसके बाद पहली शादी के रहते हुए उसने मुझसे 18 जून, 2014 को शादी कर ली। आरोपी दो साल तक मेरे साथ रहा। इस दौरान कई बार शारीरिक संबंध भी बनाएं। एक दिन वो मुझे बेसहारा छोड़ दिया। जिसके बाद पीड़िता ने 27 सितंबर 2019 को एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।

मुवक्किल ने शादी करके रजामंदी से शारीरिक संबंध बनाए

एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने शादी करने के बाद महिला के साथ रजामंदी से संबंध बनाए थे। इसलिए यह मामला रेप का नहीं बनता है। शिकायतकर्ता को पता था कि मुवक्किल ने पहली पत्नी से तलाक को लेकर दायर अर्जी 2010 में वापस ले ली थी। मुवक्किल ने पीड़िता को आर्थिक, सामाजिक और नैतिक सहारा दिया है।

पहली पत्नी के होते दूसरी शादी करना गैरकानूनी

दलील को सुनते हुए कोर्ट ने कहा कि हिंदू लॉ में पहली शादी के रहते हुए दूसरी शादी की अनुमति नहीं है। अगर ऐसा को कई करता है तो इसे बाइगैमी का अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने आरोपी पर दायर एफआईआर को रद्द करने से इंकार कर दिया है। वहीं आरोपी ने माना कि उसने पहली शादी के रहते हुए ही दूसरी शादी की। इतना नहीं महिला को भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाया कि वो पहली पत्नी को तलाक दे दिया है।

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