Thursday, June 18, 2026
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​​​​​​​​​​योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज़ को लेकर कहा, ‘प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो…

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यूपी में सड़कों पर नमाज कतई नहीं होने दी जाएगी क्योंकि सड़कें आम नागरिकों, बीमारों और व्यापारियों के आवागमन के लिए हैं. उन्होंने कहा कि कानून का राज सबके लिए समान है, इसलिए यदि संख्या अधिक है तो लोग शिफ्ट में या अपने तय धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ें. सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकार सड़कों पर अराजकता नहीं फैलने देगी; यदि लोग संवाद और प्यार से नहीं मानेंगे, तो उनके खिलाफ कानूनन दूसरा कड़ा तरीका अपनाया जाएगा.

आपको बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं साहब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है. आप जा कर देख लो नहीं होती है. अरे सड़कें चलने के लिए है या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा. क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहां उसका स्थल होगा वहां जाकर करें.

बकौल सीएम योगी- ‘उन लोगों ने मुझसे कहा साहब कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है. हमने कहा शिफ्ट में कर लो. तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो. और नहीं है सामर्थ्य क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और यह चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज होगा. कानून के राज को सबको समान रूप से लागू करेंगे. नमाज पढ़नी आवश्यक है. आप शिफ्ट में पढ़िए. हम उसको रोकेंगे नहीं. लेकिन सड़क पर नहीं. सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे. सरकार का नियम सार्वभौम है. सबके लिए समान रूप से लागू होता है.

उन्होंने कहा है कि हमने सबको कहा हमने कहा भाई नहीं चलने देंगे. अराजकता नहीं सड़कों पर फैलने देंगे. प्यार से मानेंगे ठीक बात है. नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. हमारा काम है संवाद बनाना. आप संवाद से मानेंगे संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो. बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया. देख लिया ताकत. इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती है.

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