Friday, June 19, 2026
HealthViral

​​डीजे की तेज आवाज से 140 मुर्गियों की मौत, क्या इंसानों के लिए भी उतनी ही खतरनाक है तेज आवाज? जानें

Featured Image

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां तेज आवाज में डीजे बजने से 140 मुर्गियों की मौत हो गई. पोल्ट्री फार्म संचालक साबिर अली ने इस मामले में FIR भी दर्ज  करा दी है. साबिर ने कहा कि डीजे की तेज आवाज के कारण मुर्गियों को कार्डियक अरेस्ट हुआ और उनकी मौत हो गयी. अब इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इंसानों को भी डीजे की तेज आवाज से खतरा है?

विशेषज्ञों की मानें तो तेज आवाज को पक्षी भी सहन नहीं कर पाते और उनकी भी मौत हो सकती है. बात अगर इंसानों की की जाए तो इंसान के मामले में भी खतरा कम नहीं है. विज्ञान के मुताबिक 110-120 डेसिबल से ऊपर की आवाज इंसानों को नुकसान पहुंचा सकती है.

तेज आवाज में रहने का तात्कालिक खतरा ये होता है कि इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है और हृदय की धमनिया फट सकती हैं या अनियमित धड़कन हो सकती है. आम तौर पर डीजे की आवाज इतनी अधिक नहीं होती कि सीधे दिल को रोक दे, लेकिन अगर किसी को पहले से दिल की बीमारी है, तो जोखिम बढ़ जाता है.

सुनने की क्षमता हो सकती है नष्ट: डीजे या किसी मशीन की तेज आवाज से आपकी सुनने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है.

हृदय रोग: रोजाना या बार-बार रोजाना या बार-बार तेज आवाज के संपर्क में आने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम   बढ़ जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तेज आवाज दिल की बीमारी के लिए एक पर्यावरणीय जोखिम कारक है.

स्ट्रोक और ब्लड प्रेशर: लगातार तेज आवाज में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इससे तनाव,  चिड़चिड़ापन और मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं.

मुर्गियों जैसा तुरंत कार्डियक अरेस्ट इंसानों में अत्यंत दुर्लभ है क्योंकि हमारा शरीर उस स्तर के तीव्र कंपन को संभालने में सक्षम होता है लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम काफी हानिकारक और गंभीर हो सकते हैं.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply